साइबर फ्रॉड के 15 लाख के बंटवारे में मासूम की हत्या, 10 दिन बाद मिला शव

नवादा : शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र के सुमका गांव से 10 दिन पहले लापता हुए 5 वर्षीय बालक दीपांशु का शव शनिवार को कौआकोल के जंगल से बरामद किया गया

साइबर फ्रॉड के 15 लाख के बंटवारे में मासूम की हत्या, 10 दिन बाद मिला शव
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नवादा : शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र के सुमका गांव से 10 दिन पहले लापता हुए 5 वर्षीय बालक दीपांशु का शव शनिवार को कौआकोल के जंगल से बरामद किया गया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में सुमका गांव के ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक दीपांशु गांव के कन्हैया पंडित का पुत्र था।  

शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की वजह साइबर फ्रॉड से कमाए गए 15 लाख रुपये का बंटवारा था। कन्हैया पंडित और हत्या में शामिल आरोपी एक ही साइबर ठगी गिरोह से जुड़े थे। यह गिरोह वारिसलीगंज क्षेत्र में सक्रिय है।  

एसपी के अनुसार, साइबर ठगी से आए 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में जमा हुए थे। गिरोह के बाकी सदस्य रुपये के बंटवारे का दबाव बना रहे थे, लेकिन कन्हैया टाल-मटोल कर रहा था। इसी रंजिश में 6 मई को आरोपियों ने दीपांशु को अगवा कर लिया। अपहरण के बाद आरोपियों ने मासूम को कौआकोल के जंगल में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को पहाड़ी में छिपा दिया। एसआईटी की जांच में 10 दिन बाद शव बरामद हुआ।  

मामले का उद्भेदन अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने किया। शेखपुरा एसपी ने बताया कि समाचार पत्रों ने पहले ही बालक के गुम होने के तार साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई थी, जो जांच में सही साबित हुई। शेखपुरा एसपी बलीराम चौधरी ने बताया कि “यह बेहद दुखद घटना है। साइबर फ्रॉड के पैसे के बंटवारे को लेकर 5 साल के मासूम की जान ले ली गई। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जांच की जा रही है। दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।” नवादा से एनबीसी 24 के लिए सुनील कुमार की रिपोर्ट।